Difference Between CT Scan and MRI in Hindi

Difference Between CT Scan and MRI in Hindi

Difference Between CT Scan and MRI in Hindi  – दोस्तों CT Scan और MRI दोनों का उपयोग ही हमारे शरीर के अंदरूनी भागों को देखने और उनके चित्रों को तैयार करने के लिए किया जाता है।

दोनों ही प्रक्रियाओं में आपको कुछ मशीनों के संपर्क में लाया जाता है जिसके बाद आपके अंदरूनी शरीर का चित्र तैयार किया जाता है। हालांकि दोनों ही माध्यमों का उद्देश्य अंदरूनी शरीर का चित्र तैयार करना है परंतु दोनों का इस्तेमाल और इनके चित्र बनाने की प्रक्रिया बिल्कुल अलग है।

दोस्तों यदि आप जानना चाहते हैं कि MRI और CT Scan क्या है और MRI और CT Scan में क्या अंतर है तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं आज इस आर्टिकल में हम आपके इसी सवाल का जवाब देने वाले हैं।

तुलना सारणी

Comparison Chart – MRI और CT-Scan की तुलना सारणी निम्नलिखित है-

विवरणMRI (एम आर आई)CT Scan (सीटी स्कैन)
कहाँ काम करता हैशरीर के अंदरूनी भागों का एक विशेष चित्र तैयार करने के लिए।शरीर के अंदरूनी भागों का एक समान्य चित्र तैयार करने के लिए।
रेडिएशनCT Scan के मुक़ाबले कम रेडिएशन होते है।MRI के मुक़ाबले अधिक रेडिएशन।
कीमतMRI करवाना CT Scan के मुक़ाबले अधिक महँगा होता है।MRI की तुलना मे सस्ता माध्यम।
एक्यूरेसीMRI विस्तृत और सपष्ट चित्र बनाने मे अधिक सक्षम।CT Scan असामान्य भागों को समझने और एक सामान्य चित्र बनाने मे अधिक सहायक।
टेक्नोलॉजीMRI में रेडियो तरंगो और चुम्बकों का इस्तेमाल किया जाता है।CT Scan में X-Ray का इस्तेमाल किया जाता है।
समयMRI में CT Scan की तुलना में कम समय लगता है।CT Scan में MRI की तुलना में अधिक समय लगता है।

MRI क्या होता है?

दोस्तों जैसा कि हम ऊपर बता चुके हैं कि MRI यानि कि Magnetic Resonance Imaging का उपयोग आपकी शरीर के अंदरूनी भागों का चित्र तैयार करने के लिए किया जाता है।

MRI में रेडियो तरंगों और चुम्बकों की सहायता के द्वारा चित्र को तैयार किया जाता है। इसमे आपको एक मशीन के माध्यम से आपको रेडियो तरंगों और चुम्बकों के संपर्क मे लाया जाता है। जब इन रेडियो तरंगों को आपके शरीर में प्रवेश कराया जाता है तो आपके शरीर में अंग, शरीर में उपस्थित पानी, वसा इत्यादि इन तरंगों के संपर्क में आती है जिसकी सहायता से उस भाग का एक 3D चित्र तैयार किया जाता है।

MRI के नुकसान

इससे निकलने वाला रेडिएशन हानिकारक हो सकता है।

MRI में चुंबकों का इस्तेमाल किया जाता है तो इसमें धातुओं के साथ प्रतिक्रिया होने का खतरा रहता है। तो ऐसे में इस बात का विशेष तौर से ध्यान रखना होता है कि व्यक्ति किसी प्रकार कि धातु के संपर्क मे न हो।

लंबे समय तक तेज आवाज में है रहने के कारण व्यक्ति के सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।

कुछ मामलों में MRI स्कैन करवाते समय व्यक्ति के शरीर के तापमान में वृद्धि भी देखी गई है।

MRI का इस्तेमाल कब किया जाता है

MRI का इस्तेमाल मुख्यतः जोड़ों, दिमाग, एड़ियों, दिल और रक्त वाहिकाएं जैसे अंदरूनी भागों के एक स्पष्ट चित्र को तैयार करने के लिए किया जाता है।

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CT SCAN क्या होता है

CT-SCAN यानि कि Computed Tomography Scan में आपके शरीर के अंदरूनी भागों का चित्र तैयार करने के लिए एक्स-रे (X-RAYS) का इस्तेमाल किया जाता है।

इस माध्यम में आपके शरीर में एक्स-रे तरंगों को प्रवाहित किया जाता है जो आपके शरीर में हड्डियों या अन्य कुछ भागों द्वारा ब्लॉक हो जाती है और कुछ जगहों से आपके शरीर के आर-पार चली जाती है। इसी माध्यम से आपके शरीर के अंदरूनी भागों की एक 3D चित्र तैयार किया जाता है।

CT-SCAN का मुख्य उद्देश शरीर में असामान्य अंगों का पता लगाना होता है। हालांकि इसका उपयोग कुछ विशेष भागों के चित्र को तैयार करने के लिए भी किया जा सकता है जो पूरी तरह व्यक्ति के लक्षणो पर निर्भर करता है।

CT SCAN के नुकसान

क्योंकि इस माध्यम में एक्स-रे का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए यह नवजात शिशुओं के लिए हानिकारक हो सकता है।

इसमें हमारे के मुकाबले अधिक रेडिएशन होने के कारण गर्भवती महिलाओं, बच्चों या किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के लिए हानिकारक हो सकता है।

CT SCAN का इस्तेमाल कब किया जाता है

सीटी स्कैन का उपयोग मुख्यतः हड्डियों के टूटने, ट्यूमर, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मुख्यतः सामान्य चित्र तैयार करने के लिए किया जाता है।

यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि ज्यादातर मामलों में डॉक्टर आप के लक्षणों के आधार पर आपको MRI और CT-SCAN में से किसी भी माध्यम का उपयोग करने की राय देता है। ज्यादातर मामलों में MRI का सुझाव तब दिया जाता है जब व्यक्ति के किसी विशेष अंग का एक स्पष्ट चित्र को तैयार करने की आवश्यकता होती है। और सीटी स्कैन का उपयोग तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति के शरीर या किसी विशेष अंग की एक सामान्य चित्र को तैयार करने की आवश्यकता होती है।

निष्कर्ष

Conclusion – दोस्तों MRI और CT Scan दोनों ही अंदरूनी भागों की एक छवि तैयार करने में सक्षम है। दोनों के उद्देश्य समान है परंतु माध्यम और प्रक्रिया मे अंतर है।

कोई भी माध्यम चुनना आपके लक्षणों पर निभार करता है जो पूर्ण रूप से चिकित्सक का कार्य होता है। बहुत से लोग MRI और CT-Scan को सुरक्षित नहीं मानते है जो बिलकुल गलत धारणा है। दोनों ही माध्यम सुरक्षित हें और दशकों से इस्तेमाल में लाये जा रहे है। हालांकि फिर भी कुछ सावधानियों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है।

दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि आप MRI और CT-Scan क्या होता है, MRI और CT-Scan मे अंतर के बारे में जान गए होंगे। यदि हमारे आर्टिकेल से जुड़ा कोई भी आपके मन में है तो आप कमेंट सेक्शन मे पूछ सकते है। हम जल्द से जल्द आपके सवाल का जवाब देने का प्रयास करेंगे।

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