10 Difference between CBSE and ICSE Board | CBSE और ICSE बोर्ड में अंतर | CBSE vs ICSE

Difference between CBSE and ICSE Board, CBSE और ICSE बोर्ड में अंतर, CBSE vs ICSE – जब भी हम अपने बच्चो के लिए स्कूल का चयन करते है तो उसमे सबसे ऊपर जो पैरामीटर हम रखते है वो होता है एजुकेशन बोर्ड। और अगर भारत में विभिन्न शिक्षा बोर्डों की बात की जाये तो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई, CBSE) और भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र (आईसीएसई, ICSE) सबसे ज्यादा स्कूलो द्वारा पेश किया जाता हैं।

दोनों बोर्डों में विभिन्न विशिष्ट विशेषताएं होती हैं, जो छात्रों को सर्वोत्तम शैक्षिक मूल्य प्रदान करने के एक सामान्य उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं। आइए आज के आर्टिकल में हम सीबीएसई (CBSE) और आईसीएसई (ICSE) के बीच क्या अंतर हैं वो जानेंगे।

CBSE और ICSE बोर्ड में अंतर (Difference between CBSE and ICSE Board)

सीबीएसई (CBSE)

आईसीएसई (ICSE)

सीबीएसई का फुल फॉर्म सेंट्रल बोर्ड फॉर सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) है।

ICSE का फुल फॉर्म इंडियन सर्टिफिकेट फॉर सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) है

सीबीएसई में अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यम में पढाया जाता है।

आईसीएसई बोर्ड में शिक्षा का माध्यम केवल अंग्रेजी है।

सीबीएसई शिक्षा बोर्ड व्यापक रूप से भारत सरकार और भारतीय शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है।

आईसीएसई को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली द्वारा एक निजी शिक्षा बोर्ड के रूप में मान्यता प्राप्त है।

सीबीएसई द्वारा आयोजित निम्नलिखित परीक्षाएं -
अखिल भारतीय माध्यमिक विद्यालय परीक्षा (AISSE) - कक्षा 10वीं परीक्षा
अखिल भारतीय वरिष्ठ विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा (AISSCE) - कक्षा 12वीं परीक्षा

ICSE का संचालन CISCE द्वारा किया जाता है, जो निम्नलिखित परीक्षाएं लेता है -
आईसीएसई परीक्षा (ICSE Exam) - कक्षा 10 वीं
आईएससी परीक्षा (ISC Exam) - कक्षा 12 वीं

ICSE की तुलना में CBSE का सिलेबस थोड़ा सरल और सैद्धांतिक है। साथ ही इसे कई इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए मूल पाठ्यक्रम के रूप में मान्यता दी गई है।

आईसीएसई (ICSE) का पाठ्यक्रम अधिक विस्तृत है और व्यावहारिक ज्ञान और विश्लेषणात्मक कौशल पर ध्यान केंद्रित करता है।

सीबीएसई में 10वीं कक्षा में शामिल मुख्य विषय अंग्रेजी, विज्ञान, गणित हैं।

आईसीएसई में 10वीं कक्षा में शामिल मुख्य विषय इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी और दूसरी भाषा हैं।

सीबीएसई के लिए मूल्यांकन मानदंड आंतरिक मूल्यांकन (internal assessments) और प्रक्टिक्ल्स होते हैं

आईसीएसई के लिए आकलन मानदंड अतिरिक्त प्रक्टिक्ल्स और प्रयोगशाला ट्यूटोरियल हैं

सीबीएसई कई प्रतिभा खोज परीक्षा (टैलेंट सर्च एग्जाम) आयोजित करवाता है और छात्रों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति प्रदान करता है।

आईसीएसई बोर्ड खुद से छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान नहीं करता है, प्राइवेट स्चूल्स स्वयं के स्तर पर ऐसा कर सकते है।

सीबीएसई आपके प्रतिस्पर्धी क्षमता को बढ़ाता है।

आईसीएसई एक बच्चे के संपूर्ण विकास और संवारने पर ध्यान केंद्रित करता है।

भारत में कई स्कूल सीबीएसई से एफिलिएट हैं, जिसका अर्थ है कि एक बच्चे के लिए दूसरे शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूल बदलना आसान है।

सीबीएसई की तुलना में आईसीएसई एफिलिएशन कम है।

सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board)

सीबीएसई का फुल फॉर्म  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education, CBSE) होता है।  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को माध्यमिक (सेकेंडरी) और वरिष्ठ माध्यमिक (सीनियर सेकेंडरी) स्तर की शिक्षा के लिए सबसे पसंदीदा स्कूल बोर्डों में से एक माना जाता है।

सीबीएसई अपने पाठ्यक्रम में अनिवार्य और अतिरिक्त विषयों का एक संपूर्ण संयोजन प्रदान करता है, जो की एनसीईआरटी नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च ट्रेनिंग (National Council of Education and Research Training, NCERT) द्वारा स्वीकृत होता है।

वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली के अनुसार, सीबीएसई परीक्षाओं के दो सेट आयोजित करता है – अखिल भारतीय माध्यमिक विद्यालय परीक्षा, एआईएसएसई (All India Secondary School Examination, AISSE) आमतौर पर जिसे कक्षा 10 वीं की बोर्ड परीक्षा के रूप में जाना जाता है, और अखिल भारतीय वरिष्ठ स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा, एआईएसएससीई (All India Senior School Certificate Examination, AISSCE), जिसे कक्षा 12 वीं की बोर्ड परीक्षा के रूप में जाना जाता है।

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आईसीएसई बोर्ड (ICSE Board)

आईसीएसई का फुल फॉर्म इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (Indian Certificate of Secondary Education ICSE) होता है। काउंसिल ऑफ इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) द्वारा प्रबंधित, इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) स्कूलों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा का एक और प्रतिष्ठित बोर्ड है।

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने कैम्ब्रिज IGCSE के पाठ्यक्रम को अपनाया जो ब्रिटिश शासन के दौरान प्रचलित था और उसके बाद एंग्लो-इंडियन बोर्ड को अपनाया। सीबीएसई के साथ तुलना करने पर, आईसीएसई के पाठ्यक्रम को सभी वर्गों के लिए जटिल माना जाता है। इसी के चलते आईसीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं सबसे कठिन बोर्ड परीक्षा मानी जाती हैं।

सीबीएसई और आईसीएसई  में मुख्य अंतर (Key Differences between CBSE and ICSE)

  1. सीबीएसई का फुल फॉर्म सेंट्रल बोर्ड फॉर सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) है। वही ICSE का फुल फॉर्म इंडियन सर्टिफिकेट फॉर सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) है।
  2. सीबीएसई में अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यम में पढाया जाता है। आईसीएसई बोर्ड में शिक्षा का माध्यम केवल अंग्रेजी है।
  3. सीबीएसई शिक्षा बोर्ड व्यापक रूप से भारत सरकार और भारतीय शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त है। आईसीएसई को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली द्वारा एक निजी शिक्षा बोर्ड के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  4. सीबीएसई द्वारा आयोजित निम्नलिखित परीक्षाएं – अखिल भारतीय माध्यमिक विद्यालय परीक्षा (AISSE) – कक्षा 10वीं परीक्षा , अखिल भारतीय वरिष्ठ विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा (AISSCE) – कक्षा 12वीं परीक्षा। वही ICSE का संचालन CISCE द्वारा किया जाता है, जो निम्नलिखित परीक्षाएं लेता है – आईसीएसई परीक्षा (ICSE Exam) – कक्षा 10 वीं, आईएससी परीक्षा (ISC Exam) – कक्षा 12 वीं
  5. ICSE की तुलना में CBSE का सिलेबस थोड़ा सरल और सैद्धांतिक है। साथ ही इसे कई इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए मूल पाठ्यक्रम के रूप में मान्यता दी गई है।वही आईसीएसई (ICSE) का पाठ्यक्रम अधिक विस्तृत है और व्यावहारिक ज्ञान और विश्लेषणात्मक कौशल पर ध्यान केंद्रित करता है।
  6. सीबीएसई में 10वीं कक्षा में शामिल मुख्य विषय अंग्रेजी, विज्ञान, गणित हैं। आईसीएसई में 10वीं कक्षा में शामिल मुख्य विषय इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल, अंग्रेजी और दूसरी भाषा हैं।
  7. सीबीएसई के लिए मूल्यांकन मानदंड आंतरिक मूल्यांकन (internal assessments) और प्रक्टिक्ल्स होते हैं! आईसीएसई के लिए आकलन मानदंड अतिरिक्त प्रक्टिक्ल्स और प्रयोगशाला ट्यूटोरियल हैं।
  8. सीबीएसई कई प्रतिभा खोज परीक्षा (टैलेंट सर्च एग्जाम) आयोजित करवाता है और छात्रों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति प्रदान करता है। आईसीएसई बोर्ड खुद से छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान नहीं करता है, प्राइवेट स्चूल्स स्वयं के स्तर पर ऐसा कर सकते है।
  9. सीबीएसई आपके प्रतिस्पर्धी क्षमता को बढ़ाता है। आईसीएसई एक बच्चे के संपूर्ण विकास और संवारने पर ध्यान केंद्रित करता है।
  10. भारत में कई स्कूल सीबीएसई से एफिलिएट हैं, जिसका अर्थ है कि एक बच्चे के लिए दूसरे शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूल बदलना आसान है। सीबीएसई की तुलना में आईसीएसई एफिलिएशन कम है।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस आर्टिकल में हमने भारत के 2 प्रसिद्ध एजुकेशन बोर्ड जो जाना और उसके साथ दोनों के बीच के मूलभूत अंतर को समझा।

अगर इसके बाद भी अगर आपके मन में कोई सवाल है तो मेरे कमेंट बॉक्स में आकर पूछे मैं आपके सवालों का जवाब अवश्य दूंगा तब तक के लिए धन्यवाद और मिलते हैं अगले आर्टिकल में! ऐसे और भी रोचक अन्तरो को जानने के लिए बने रहिये हमारे साथ antarjano.com पर।

3 thoughts on “10 Difference between CBSE and ICSE Board | CBSE और ICSE बोर्ड में अंतर | CBSE vs ICSE”

    • दीपकजी आपने वो कहवात सुनी होगी, करत करत अभ्यास से जड़मति होत सुजान! मेरे मेंटोर्स हमेशा बोलते है एक एवरेज स्टूडेंट और और परफोर्मिंग स्टूडेंट में हमेशा थोडा सा अंतर होता है, जहाँ एवरेज लोग सोचते है की अब नही होगा, ब्रिलियंट या अच्छा परफॉर्म करने वाले वही पर थोडा सा ज्यादा एफर्ट करते है और वो ब्रिलियंट केटेगरी में आ जाते है! इसीलिए अपने आप को कभी एवरेज मत समझिये! हम सब में उतनी ही क्षमता है जितनी किसी और में!

      रही बात आपके प्रश्न की तो दोनों की बोर्ड अच्छे है, किन्तु icse बोर्ड के स्कूल थोड़े कम है और वही सीबीएसई के लिए आपको ये सब सुविधा ज्यादा मिलेगी, इसीलिए लोग cbse prefer करते है!

      आशा करती हूँ आपका जवाब दे पायी! धन्यवाद !

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  1. hello sir,
    I am from Aadharshila Vidya Mandir English medium school , Bilaspur, Chhattisgarh.
    According to me CBSE is better for an average student.

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