एंटरप्रेन्योर और मैनेजर में अंतर (2023 with Table) | 10 Difference between Entrepreneur and Manager in Hindi

Difference between Entrepreneur and Manager : एंटरप्रेन्योर और मैनेजर दो अलग-अलग लेकिन परस्पर संबंधित रोल हैं जो किसी भी आर्गेनाइजेशन की सफलता के लिए आवश्यक हैं। हालाकि दोनों भूमिकाएं बिज़नेस के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, पर इनके लिए अलग-अलग कौशल सेट और दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।

एंटरप्रेन्योर और मैनेजर के बीच के अंतर को समझने से आपको अपने करियर में आगे किस ओर जाना है ये निर्णय लेने में मदद मिल सकती है वंही आर्गेनाइजेशन को अपने बिज़नेस को सफल बनाने के लिए कैसे लीडर की आवश्यकता होगी ये निर्धारित करने में भी मदद मिल सकती है।

इस पोस्ट में, हम एंटरप्रेन्योरशिप और मैनेजमेंट के बीच प्रमुख अंतरों (Difference between Entrepreneur and Manager) का पता लगाएंगे और जानेगे कि हर एक में क्या खास चैलेंज है साथ ही जानेगे कि प्रत्येक भूमिका में क्या अवसर देती हैं? तो चलिए पोस्ट शुरू करते है और जानते है कि एंटरप्रेन्योर कौन है ?

एंटरप्रेन्योर / उद्यमी कौन है? (Who is Entrepreneur?)

  • एंटरप्रेन्योर वे व्यक्ति होते हैं जो अपने सपने को पूरा करने के लिए फाइनेंसियल और व्यक्तिगत जोखिम उठाते हुए अपना खुद का व्यवसाय शुरू और मैनेज करते हैं।
  • वे अक्सर कुछ नया या इनोवेटिव करने की इच्छा से प्रेरित होते हैं और वे उन अवसरों की पहचान कर उसको साकार करने में लग जाते है जिनको दूसरों ने अनदेखा कर दिया है।
  • एंटरप्रेन्योर आम तौर पर कुछ महत्वपूर्ण जोखिम लेने के लिए तैयार होते हैं, जैसे कि बिज़नेस में अपने स्वयं के धन का निवेश करना या उसके लिए लोन लेना, ताकि उनके आईडिया को रूप मिल सके।
  • वे अपनी टीम को मैनेज करने और लीड करने के साथ-साथ फाइनेंस, मार्केटिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट सहित अपने बिज़नेस के विभिन्न पहलुओं की देखरेख के लिए भी जिम्मेदार हो सकते हैं।
  • सफल एंटरप्रेन्योर को अक्सर आर्थिक विकास और कुछ नया शुरू करने, रोजगार के अवसर देने और नए प्रोडक्ट्स और सेवाओं को बाजार में लाने का श्रेय दिया जाता है।

मैनेजर कौन है? (Who is Manager?)

  • मैनेजर एक व्यक्ति होता है जो किसी बिज़नेस या आर्गेनाइजेशन के दिन-प्रतिदिन के कार्यों की देखरेख के लिए जिम्मेदार होता है।
  • मैनेजर कर्मचारियों की टीमों को लीड और दिशा निर्देश देने करने, आर्गेनाइजेशन के गोल सेट करने और उनको पाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने के साथ बजट, आपूर्ति और उपकरण जैसे संसाधनों का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
  • वे नीतियों और प्रक्रियाओं को स्थापित करने के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं उनका संगठन कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से संचालित हो।
  • मैनेजर के पास अक्सर जिम्मेदारियों की एक लम्बी लिस्ट होती है जिसके लिए उन में मजबूत नेतृत्व, कम्युनिकेशन और समस्या को सुलझाने के कौशल की आवश्यकता हो सकती है।
  • वे व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सरकार और गैर-लाभकारी संगठनों सहित विभिन्न प्रकार के उद्योगों में काम कर सकते हैं।
  • सफल मैनेजर को अक्सर उत्पादकता में सुधार, लाभ में वृद्धि और अपने कर्मचारियों के लिए सकारात्मक और उत्पादक कार्य वातावरण को बढ़ावा देने का श्रेय दिया जाता है।

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एंटरप्रेन्योर / उद्यमी और मैनेजर के बीच अंतर (Difference between Entrepreneur and Manager)

तुलना का आधार
Basis of Comparison

एंटरप्रेन्योर

Entrepreneurs

मैनेजर

Manager

जोखिम लेना

एंटरप्रेन्योर जोखिम लेने और नए अवसरों का साकार करने के लिए साहसिक निर्णय लेने को तैयार रहते हैं।

जबकि मैनेजर जोखिम को कम करने और मौजूदा प्रक्रियाओं को  सरल और इफेक्टिव बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

इनोवेशन

एंटरप्रेन्योर आमतौर पर कुछ नया और नवीन बनाने की इच्छा से प्रेरित होते हैं।

वंही मैनेजर मौजूदा विचारों और प्रणालियों को लागू करने और सुधारने पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं।

विजन

एंटरप्रेन्योर या उद्यमियों के पास अपने व्यवसाय के भविष्य के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण होता है।

मैनेजर अल्पकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने और ऑपरेशनल लक्ष्यों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

रचनात्मकता

एंटरप्रेन्योर अक्सर रचनात्मक विचारक होते हैं जो समस्याओं के लिए नए विचार और समाधान उत्पन्न कर सकते हैं।

वंही मैनेजर प्रक्रियाओ को मानने वाले और समस्याओं को हल करने के लिए स्थापित तरीकों पर भरोसा करने वाले हो सकते हैं।

स्वायत्तता

एंटरप्रेन्योर के पास अपने बिज़नेस की हाई प्रोफाइल पोजीशन पर नियंत्रण होता है।

जबकि मैनेजर को अक्सर आर्गेनाइजेशन के निर्धारित रूल्स के भीतर काम करना पड़ता है और निर्णय लेने की स्वतंत्रता कम हो सकती है।

नेटवर्किंग

एंटरप्रेन्योर अक्सर अवसर उत्पन्न करने और अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए नेटवर्किंग और संबंध बनाने पर भरोसा करते हैं।

वंही मैनेजर आंतरिक संचालन और कर्मचारियों के साथ संबंध बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

संसाधन प्रबंधन

एंटरप्रेन्योर को अक्सर साधन संपन्न होना पड़ता है और सीमित संसाधनों के प्रबंधन के लिए रचनात्मक तरीके खोजने पड़ते हैं।

वंही मैनेजर के पास अधिक संसाधन मौजूद हो सकते हैं और वे उनके सफल उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

विकास

एंटरप्रेन्योर आम तौर पर विकास और विस्तार पर केंद्रित होते हैं।

वंही मैनेजर स्थिरता और दक्षता बनाए रखने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

लचीलापन

बाजार की बदलती परिस्थितियों के जवाब में एंटरप्रेन्योर को अक्सर लचीला और बदलाव को स्वीकार करने वाले होना पड़ता है।

वंही मैनेजर के पास पहले से स्थापित प्रक्रियाएं और संरचनाएं हो सकती हैं जो उनकी जल्दी से बदलाव के अनुकूलन होने की उनकी क्षमता को सीमित करती हैं।

व्यक्तिगत निवेश

एंटरप्रेन्योर की अक्सर अपने व्यवसाय की सफलता में व्यक्तिगत हिस्सेदारी होती है।

जबकि मैनेजरो के पास कम व्यक्तिगत निवेश हो सकता है और आर्गेनाइजेशन उद्देश्यों को प्राप्त करने पर अधिक ध्यान केंद्रित करना पड़ सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हालाकि एंटरप्रेन्योर और मैनेजर दोनों किसी भी आर्गेनाइजेशन की सफलता के लिए आवश्यक हैं, उन्हें अलग-अलग स्किल सेट और दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।

एंटरप्रेन्योर आमतौर पर कुछ नया और नवीन बनाने की इच्छा से प्रेरित होते हैं, जबकि मैनेजर आर्गेनाइजेशन  के लक्ष्यों को प्राप्त करने और मौजूदा प्रक्रियाओं को और सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

एंटरप्रेन्योर अक्सर अपनी विज़न को आगे बढ़ाने के लिए जोखिम लेने और अपने स्वयं के संसाधनों का निवेश करने के लिए तैयार रहते हैं, जबकि मैनेजर संसाधनों के प्रबंधन और परिचालन दक्षता सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

दोनों भूमिकाओं के लिए मजबूत नेतृत्व, संचार और समस्या को सुलझाने के कौशल की आवश्यकता होती है, लेकिन वे जोखिम लेने, कुछ नया करने और संसाधन प्रबंधन के दृष्टिकोण में भिन्न होते हैं।

इस पोस्ट में बताये गए अंतरों को पढ़ कर आप अब तक प्रत्येक भूमिका की अद्वितीय चुनौतियों और अवसरों को समझ ही गए होंगे, जिससे आब आप अपने कैरियर में किस ओर आगे बढ़ना है उसका निर्णय ले सकते हैं ! वैसे ही एक बिज़नेस को सफल बनाने के लिए बिज़नेस या आर्गेनाइजेशन  को किस तरह नेतृत्व की आवश्कता है उसकी भी पहचान जरुर हुई होगी !

हमे उम्मीद है इस पोस्ट से आप को एंटरप्रेन्योर और मैनेजर ग्रुप के अंतर (Difference between Entrepreneur and Manager) के बारे में पता चला होगा! अगर इसके बाद भी अगर आपके मन में कोई सवाल है तो मेरे कमेंट बॉक्स में आकर पूछे। हम आपके सवालों का जवाब अवश्य देंगे।

तब तक के लिए धन्यवाद और मिलते हैं अगले आर्टिकल में!

ऐसे और भी रोचक अन्तरो को जानने के लिए बने रहिये हमारे साथ antarjano.com पर।

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