Difference Between Fascism and Nazism in Hindi 2022 (with table) | फासीवाद और नाजीवाद में अंतर | Fascism aur Nazism me antar

Difference Between Fascism and Nazism in Hindi 2022 (with table), फासीवाद और नाजीवाद में अंतर, Fascism aur Nazism me antar – Difference Between Fascism and Nazism: प्रथम विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय राजनीतिक प्रणाली में दो विचारधारा का जन्म हुआ पहला फासीवाद और दूसरा नाजीवाद फासीवाद विचारधारा का उदय इटली में हुआ इसका सूत्रधार बेनिटो मुसोलिनी था जबकि इसके विपरीत नाजीवाद का जन्म जर्मनी देश में हुआ और इसका सूत्रधार एडोल्फ हिटलर को माना जाता है!

आप आप लोगों के मन में सवाल जरूर आएगा कि आखिर में फासीवाद और नाजीवाद क्या है और दोनों के बीच में अंतर क्या है अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इस पोस्ट को आखिर तक पढ़े आइए जाने –

तुलना सारणी (Comparison Table)

फासीवाद (Fascism)

नाजीवाद (Nazis)

फासीवाद का उदय की बात की जाये तो इसकी शुरुवात इटली से हुई थी

नाजीवाद का उदय जर्मनी में हुआ था

बेनिटो मुसोलिनी और ओसवाल्ड मोस्ले फासीवाद के उल्लेखनीय व्यक्तित्व हैं

एडॉल्फ हिटलर और जोसेफ मेंजेल प्रसिद्ध नाज़ी हैं

फासीवादी सरकार के शासनकाल में देश में सभी धर्म के लोग एक साथ रह सकते थे, लेकिन उसके लिए सरकार ने कुछ विशेष शर्तें निर्धारित की थी! अगर दूसरे वर्ग का कोई भी अल्पसंख्यक इटली में रहता है तो उसे वहां के बहुसंख्यक धर्म को अपनाना होगा तभी वह उस देश में निवास कर पाएगा!

नाजीवाद सरकार के शासनकाल में देश में सभी धर्म के लोग नहीं रह सकते हैं इसी कारण हिटलर ने जर्मनी में लाखों यहूदियों को मौत के घाट उतार दिया था!

फासीवाद वर्ग व्यवस्था में विश्वास करता था और इसे बेहतर सामाजिक व्यवस्था के लिए संरक्षित करने की मांग करता था

नाज़ीवाद ने एक वर्ग-आधारित समाज को नस्लीय एकता में बाधा माना और इसे खत्म करने की मांग की

फासीवाद ने राज्य को राष्ट्रवाद के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का साधन माना 

नाज़ीवाद ने राज्य को मास्टर रेस के संरक्षण और उन्नति के लिए एक उपकरण के रूप में माना।

फासीवाद के समय लाखों लोगों के मारे जाने की संभावना जताई जाती है लेकिन इसका कोई प्रमाण इस बात की पुष्टि नहीं करता

नाजीवाद के समय लाखों लोगों को काफी दमनकारी नीति से मौत के घाट उतार दिया गया था

फासीवादी सरकार में मीडिया और और लेखक को अपने विचार रखने का अधिकार था लेकिन अगर कोई मीडिया या लेखक सरकार के विरोध कोई भी गतिविधि करता तो  उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाती थी

नाजीवाद सरकार में मीडिया और लेखक को अपने विचार रखने का अधिकार नहीं था मीडिया और लेखक वही लिखेंगे जो नाजीवाद सरकार उनको लिखने के लिए कहेगी अगर कोई भी मीडिया या लेखक सरकार की बात को नहीं मानता था तब उसे मृत्युदंड दिया जाता था

फासीवाद क्या है (What is Fascism)

फासीवाद का जन्म इटली केशब्द फासियो (बहुवचन फासी) से हुई है जिसका अर्थ है ‘बंडल’। राजनीतिक रूप से इसका अर्थ ‘संघ’ या ‘लीग’ होता है। फासीवाद लोकतंत्र की वकालत नहीं करता है बल्कि यह देश के अंदर ऐसे सरकार का निर्माण करता है जो पूरे देश को नियंत्रित करता है  देश में उसका फैसला अंतिम माना जाता है उसके ऊपर कोई भी व्यक्ति अपनी बात नहीं रख सकता है!

फासीवाद शांति पूर्वक कामों में विश्वास नहीं करता था और उनका मानना था कि हर एक समस्या का समाधान युद्ध और युद्ध के बिना किसी भी समस्या समाधान होना संभव नहीं है. इटली में फासीवाद का विस्तार  मुसोलिनी के द्वारा किया गया था. फासीवाद के अंतर्गत देश में रहने वाला मजदूर किसी प्रकार का हड़ताल  बात या मांगे नहीं रखता था!

इटली के अंदर फासीवाद के उदय की कहानी काफी रोचक है ऐसा कहा जाता है कि जब प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हुआ तो मित्र राष्ट्रों को युद्ध में विजय प्राप्त हुई और उसके बाद संधि के अनुरूप जो भी पैसा मित्र राष्ट्र को प्राप्त होगा उस पैसे में मीका बराबर अधिकार था लेकिन जब संधि हुई तो वहां पर इटली को कुछ भी पैसा प्राप्त नहीं हुआ!

जिसके कारण इटली को खाली हाथ वापस अपने देश में आना पड़ा जिसके बाद इटली की जनता काफी आक्रोशित हो गए और उन्हें ऐसे सरकार की जरूरत नहीं थी जो सरकार देश के मान सम्मान को विश्व के पटल पर ना बचा पाए!

इसके बाद देश में लोगों उनके मन में ऐसे सरकार के गठन करने का विचार है जो देश को आर्थिक और सामाजिक और आर्थिक तौर पर मजबूत कर सके और विश्व के पटल पर देश का गौरव ऊंचा कर सके!

इसके बाद 1909 में इटली में फासीवाद का जन्म हुआ. उस समय इसके देश में कुल मिलाकर 22 सदस्य थे लेकिन 1920 आते-आते इसके कुल 300000 सदस्य हो गए जो इस बात का प्रमाण है कि इटली में में काफी तेजी के साथ फासीवाद का विस्तार और प्रचार हुआ!

नाजीवाद क्या है (What is Nazism)

नाजीवाद हिटलर के तानाशाह शासक एडल्ट हिटलर की एक विचारधारा थी इसके अनुरूप देश में सरकार जो भी योजना जनता के हित के लिए बनाई गई  उसका पालन प्रत्येक नागरिक को करना होगा. इसके अलावा सरकार का आदेश अंतिम आदेश होगा और उस आदेश को सभी व्यक्तियों को मानना होगा!

इसके अलावा नाजीवाद में देश के प्रति लोगों के अंदर अटूट विश्वास और राष्ट्रवाद होना आवश्यक है देश के ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं होगा इस प्रकार की विचारधारा  जर्मनी में प्रचार और प्रसार किया. ताकि अधिक से अधिक लोग हिटलर के नाजी वादी विचारधारा को अपनाकर हिटलर के अनुरूप देश के हित के लिए काम करें!

जर्मनी में नाजीवाद के जन्म का प्रमुख कारण है जर्मनी की आर्थिक मंदी साम्यवाद का डर  यहूदी- विरोधी नीति जर्मनी के संविधान की कमियां इसके अलावा  प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की हार हुई!

जिसके बाद वर्साय के संधि पर हस्ताक्षर करने पड़े थे. जिसके कारण जर्मनी को अनेकों प्रकार के प्रतिबंध का सामना करना पड़ा. जिसे जर्मनी काफी कमजोर हो गया. ऐसे में वहां पर नाजीवाद का जन्म हुआ और नाजीवाद ने इस संधि के सभी बातों को अनदेखी करते हुए अपने साम्राज्य का विस्तार करने के लिए अपने आस-पड़ोस के सभी छोटे-मोटे देशों पर आक्रमण करने की नीति अपनाई और इस प्रकार जर्मनी में नाजीवाद का प्रचार प्रसार काफी तेजी के साथ हुआ!

फासीवाद और नाजीवाद के बीच मुख्य अंतर (Key Differences between Fascism and Nazism)

फासीवाद और नाजीवाद के बीच निम्नलिखित प्रकार के अंतर है जिसका विवरण हम आपको नीचे दे रहे हैं जो इस प्रकार है-

  1. फासीवाद एक तानाशाह सरकार के द्वारा स्थापित एक सत्ता है समाज के हर पहलू के ऊपर अल्पसंख्यक धनी वर्ग को नियंत्रित करने का काम करती है!
  2. इसके विपरीत नाजीवाद एक राजनीतिक प्रणाली है जिसका प्रमुख उद्देश्य देश में राष्ट्रीय भावना को जागृत करना है और देश के हर एक नागरिक को देश के प्रति ईमानदार बनना होगा इसके लिए नाजीवाद प्रमुख तौर पर देश के अंदर काम करता है. इसके अलावा नाजीवाद जो देश के अंदर आदेश जारी करेगा उसका पालन हर एक नागरिक को करना होगा.
  3. इन दोनों के समय की बात की जाये तो वो इस प्रकार है – फासीवाद समय काल 1919 – 45 के रूप में निर्धारित की जा सकती है। नाज़ीवाद का समय काल 1933 – 45 के रूप में निर्धारित की जा सकती है।
  4. फासीवाद के पास अपना केंद्रीय पहलू था जबकि नाजीवाद के पास अपना खुद का केंद्रीय पहलू नहीं था बल्कि देश के अंदर उसका निर्माण कैसे हो इसके लिए वह दिन रात इस दिशा में काम करता था।
  5. फासीवाद ने राज्य को राष्ट्रवाद के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का साधन माना, जबकि नाज़ीवाद ने राज्य को मास्टर रेस के संरक्षण और उन्नति के लिए एक उपकरण के रूप में माना।
  6. फासीवाद वर्ग व्यवस्था में विश्वास करता था और इसे बेहतर सामाजिक व्यवस्था के लिए संरक्षित करने की मांग करता था, जबकि नाज़ीवाद ने एक वर्ग-आधारित समाज को नस्लीय एकता में बाधा माना और इसे खत्म करने की मांग की।
  7. फासीवाद को अल्पसंख्यक नस्ल पसंद नहीं थे लेकिन नाजीवाद में अल्पसंख्यक नस्ल को मिटाने के लिए पूरा प्रयास किया इसका उदाहरण है कि उसने कुल मिलाकर साठ लाख यहुदियो को मौत के घाट उतार दिया था।
  8. फासीवाद देश के विकास के लिए हमेशा तत्पर रहता था इसके विपरीत नाजीवाद हमेशा देश में राष्ट्रीय भावना को लोगों के मन में स्थापित करने की दिशा में काम करता था।

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख (Difference between Fascism and Nazism in Hindi) में हम फासीवाद , नाजीवाद और उनकी विचारधाराओ में अंतर को समझाने की कोशिश की। आपको ये आर्टिकल कैसा लगा, और यदि आपके कोई भी सवाल या सुझाव हो हमे कमेंट करके जरूर से बताये, हमे आपके कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा। बने रहे हमारे साथ और पढ़ते है विषयो के बीच के अन्तरो को अंतरजानो पर।

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