Difference between NSE and BSE in Hindi 2022 (With Table) | NSE और BSE में अंतर | NSE aur BSE me antar

Difference between NSE and BSE in Hindi 2022 (With Table) | NSE और BSE में अंतर | NSE aur BSE me antar – जैसा की आपमें से बहुत से लोग जानते होंगे की भारत के दो मुख्य स्टॉक एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) हैं। ये दोनों एशिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में से हैं, जो केवल जापान और चीन के स्टॉक एक्सचेंजों से आगे हैं। जल्दी से हम ये समझ लेते है कि आखिर स्टॉक एक्सचेंज होता क्या है?

स्टॉक एक्सचेंज क्या होता है (What is an Stock Exchange)

स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसा स्थान है जहां इन्वेस्टर्स/निवेशकों या ट्रेडर्स के बीच धन जुटाने के लिए शेयरों और बॉन्ड जैसी सिक्योरिटीज का कारोबार किया जाता है। ट्रेडिंग ब्रोकर या एजेंटों की मदद के साथ या बिना उनके हेल्प से होता है। यह एक आर्गनाइज्ड (संगठित) और रेगुलेटेड (विनियमित) बाज़ार है जहाँ वित्तीय गतिविधियाँ जैसे कि शेयरों को बेचना, उन्हें खरीदना और उन्हें जारी करना होता है। स्टॉक एक्सचेंज कंपनियों को पैसा जुटाने में सक्षम बनाता है।

बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के रूप में भी जाना जाता है) और एनएसई (या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) भारत में दो सबसे महत्वपूर्ण स्टॉक एक्सचेंज हैं। हमने आये दिन न्यूज़ और न्यूज़पेपर के माध्यम से बीएसई और एनएसई के बारे में सुना या देखा होगा। हम में से कुछ लोग यह भी जानते होंगे कि वे किसी तरह शेयर या बांड से संबंधित हैं। हालांकि, हममें से ज्यादातर लोग एनएसई और बीएसई के शेयरों में अंतर नहीं जानते होंगे। अब जब हमें एनएसई और बीएसई के बारे में थोड़ा पता चल गया है, तो हम एनएसई और बीएसई के बीच के अंतर को समझेंगे।

तुलना सारणी (Difference between NSE and BSE in Hindi)

Comparison Table between NSE and BSE) – दोनों में निम्नलिखित अंतर है –

एनएसई (NSE) बीएसई (BSE)
एनएसई या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज मार्केटप्लेस है। एनएसई ने ही भारत में पूरी तरह से आटोमेटिक, इलेक्ट्रॉनिक और स्क्रीन-आधारित व्यापार प्रणाली की शुरुआत की। बीएसई या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज न केवल भारत में बल्कि पूरे एशिया में सबसे पुराना और पहला स्टॉक एक्सचेंज है। वे अपने ग्राहकों के लिए हाई-स्पीड ट्रेडिंग की पेशकश करते हैं।
इस संस्थान की स्थापना 1992 में हुई थी लेकिन 1993 में इसे मान्यता मिली। बीएसई को वर्ष 1875 में बनाया गया था, लेकिन 1957 में इसे भारत की केंद्र सरकार से एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता मिली।
एनएसई दुनिया के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में 11वें स्थान पर है। दूसरी ओर, बीएसई दुनिया की सबसे बड़ी स्टॉक एक्सचेंज रैंकिंग में 10वें स्थान पर है। जिस तरह से NSE ग्रो कर रहा है ऐसा लग रहा है जल्द ही ये BSE से आगे बढ़ जाएगा
एनएसई के बेंचमार्क इंडेक्स को निफ्टी 50 कहा जाता है और यह एनएसई के तहत सूचीबद्ध 1600+ शेयरों में से 50 सबसे बड़े और सबसे अधिक लिक्विड शेयरों को ट्रैक करता है। सेंसेक्स बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स है और यह बीएसई के तहत सूचीबद्ध शीर्ष 30 सबसे बड़ी और अग्रणी कंपनियों को ट्रैक करता है। यह देश का पहला इक्विटी इंडेक्स है।
एनएसई का नेटवर्क 1500 से अधिक शहरों में है। जबकि बीएसई का नेटवर्क सिर्फ 450 शहरों का है।
लगभग 1700 कंपनियां हैं जो एनएसई के तहत सूचीबद्ध हैं। बीएसई में करीब 5800 कंपनियां लिस्टेड हैं।
एनएसई में अधिक तरलता या लिक्विडिटी है क्योंकि वे बीएसई की तुलना में अधिक मात्रा में व्यापार करते हैं। एनएसई की तुलना में, बीएसई में कम तरलता या लिक्विडिटी है।
एनएसई का मार्किट कैपिटलाइजेशन 2.27 ट्रिलियन अमरीकी डालर है बीएसई का मार्किट कैपिटलाइजेशन लगभग 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है
इक्विटी, करेंसी, म्यूचुअल फंड, ट्रेडेड फंड, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम, कॉरपोरेट बॉन्ड, इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ( आईपीओ), इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट प्रोग्राम (आईपीपी), ऑफर फॉर सेल ये इसके प्रमुख फाइनेंसियल प्रोडक्ट है इक्विटी, मुद्रा, कमोडिटी डेरिवेटिव्स, म्यूचुअल फंड, ट्रेडेड फंड्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ( आईपीओ), ऑफर फॉर सेल ये इसके प्रमुख फाइनेंसियल प्रोडक्ट है
“हमेशा अग्रणी बनने की कोशिश करते रहे, वैश्विक उपस्थिति स्थापित करें, लोगों की वित्तीय भलाई की सुविधा प्रदान करें।” “प्रौद्योगिकी, उत्पाद नवाचार और ग्राहक सेवा में बेस्ट-इन-क्लास वैश्विक अभ्यास के साथ प्रमुख भारतीय स्टॉक एक्सचेंज के रूप में उभरें।”

एनएसई क्या है? (What is NSE?)

एनएसई या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना 1992 में हुई थी और अगर देखा जाये तो ये भारत का सबसे युवा स्टॉक एक्सचेंज है। इसे 1993 में स्टॉक एक्सचेंज के रूप में अपनी पहचान मिली। एनएसई ने ही सबसे पहले भारत में पूरी तरह से आटोमेटिक, इलेक्ट्रॉनिक और स्क्रीन-आधारित ट्रेडिंग की शुरुआत की थी। एनएसई ने ही साल 1995 से इलेक्ट्रॉनिक रूप से शेयरों और बांडों के ट्रेडिंग के लिए एक सुरक्षित प्लेटफार्म निवेशको को प्रदान किया। इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम ने ट्रेडिंग से कागज-आधारित निपटान प्रणाली (paper-based settlement) को हटाने में मदद की।

एनएसई ने 1995-96 के दौरान अपना बेंचमार्क इंडेक्स-निफ्टी 50 लॉन्च किया था। निफ्टी को अप्रैल 1996 में पेश किया गया था, जो एनएसई पर सूचीबद्ध 50 सबसे अधिक लिक्विड और निरंतर ट्रेडिंग भारतीय कंपनियों को ट्रैक करता है। यदि आप निफ्टी 50 को ट्रैक करते हैं तो आपको शेयर बाजार और आर्थिक रुझानों का स्पष्ट अंदाजा लग जाएगा। एनएसई पूंजी जुटाने के लिए कंपनियों को सहायता भी प्रदान करते हैं ।

निफ्टी के अलावा, NSE के अन्य प्रमुख सूचकांकों में Nifty Next50, Nifty500, Nifty Midcap150, Nifty Smallcap250 और Nifty MidSmallcap 400 शामिल हैं।

बीएसई क्या है? (What is BSE?)

बीएसई या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज न केवल भारत में बल्कि एशिया में सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। इसे वर्ष 1875 में बनाया गया था और तब से ये इक्विटी, डेट इंस्ट्रूमेंट्स, म्यूचुअल फंड, करेंसी और डेरिवेटिव जैसे हाई-स्पीड ट्रेडिंग इंस्ट्रूमेंट्स की पेशकश कर रहे हैं। संस्था की स्थापना प्रेमचंद रॉयचंद ने की थी और इसे तब द नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन (Native Share & Stock Brokers Association) कहा जाता था, जो बाद में बीएसई बन गया।

BSE को 1957 में भारत की केंद्र सरकार से एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता मिली। सेंसेक्स या सेंसिटिव इंडेक्स बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स है और यह देश का पहला इक्विटी इंडेक्स है।

बीएसई का इंडेक्स सेंसेक्स बीएसई में सूचीबद्ध शीर्ष 30 बड़ी और अग्रणी कंपनियों को ट्रैक करता है। ये कंपनियां 10 से अधिक क्षेत्रों से संबंधित हैं और ये भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में समग्र रूप से रुझानों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

सेंसेक्स के अलावा, बीएसई के अन्य महत्वपूर्ण सूचकांकों में बीएसई 100, बीएसई 200, बीएसई 500, बीएसई मिडकैप, बीएसई एसएमएलसीएपी, बीएसई पीएसयू, बीएसई ऑटो, बीएसई फार्मा, बीएसई एफएमसीजी और बीएसई मेटल शामिल हैं। आप पढ़ रहे है – Difference between NSE and BSE in Hindi

एनएसई और बीएसई के बीच मुख्य अंतर (Key Difference Between NSE and BSE)

  1. एनएसई भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि बीएसई भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है।
  2. बीएसई की स्थापना सन 1875 में हुई थी, जबकि एनएसई की स्थापना 1992 में हुई थी।
  3. एनएसई के लिए बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी है, जबकि बीएसई के लिए यह सेंसेक्स है।
  4. बीएसई की ग्लोबल रैंक 11वीं और वही एनएसई की10वीं है।
  5. बीएसई इक्विटी, डेट इंस्ट्रूमेंट्स, म्यूचुअल फंड, करेंसी, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग को बढ़ावा देता है, जबकि एनएसई ट्रेडिंग इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, डेट और करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट को बढ़ावा देता है।
  6. बीएसई के सेंसेक्स में 30 कंपनियां शामिल हैं, जबकि एनएसई के निफ्टी में 50 कंपनियां शामिल हैं।
  7. बीएसई के लिए वेबसाइट संदर्भ www.bseindia.com है और एनएसई के लिए यह www.nseindia.com है
  8. बीएसई के लिए इंडेक्स वैल्यू (14 मई 2022) 52,793 और एनएसई के लिए 15,782 है।
  9. बीएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री आशीष कुमार चौहान हैं और एनएसई के लिए यह श्री विक्रम लिमये हैं।
  10. एनएसई के लिए सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या 2012 और बीएसई के लिए 5250 है। यह कंपनियों की संख्या 31 मार्च 2022 तक की है।

निष्कर्ष (Conclusion)

तो दोस्तो हमे उम्मीद है आपको यह आर्टिकल Difference between NSE and BSE in Hindi जरूर पसंद आया होगा। इसके साथ ही आपको एनएसई और बीएसई क्या होते है, उनके बीच क्या मुख्य अंतर है, इसके बारे में भी जानकारी मिल गई होगी। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो हमे कॉमेंट में जरूर बताएं और अगर इसके अलावा भी आपको किसी प्रकार का कोई सवाल है तो हमे जरूर बताएं।

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