Difference Between Left Wing and Right Wing in Hindi 2022 (With Table) | वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधारा में अंतर | Difference Between Leftist and Rightist Ideology

Difference Between Left Wing and Right Wing | वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधारा में अंतर | Difference Between Leftist and Rightist Ideology –  दोस्तों आप लोगो ने ये लेफ्ट और राईट विंग या कहे तो वामपंथी और दक्षिणपंथी शब्द राजनीति के परिपेक्ष में काफी बार सुना होगा, यह शब्द पहली बार फ्रांसीसी संविधान या फ्रांसीसी क्रांति के निर्माण के दौरान उपयोग किए गए थे और तब से प्रतीकात्मक रूप से उपयोग किए जाते हैं।

भारत का राजनीतिक का इतिहास काफी पुराना रहा है और आज की तारीख में भारत में दो प्रमुख पार्टियां हैं पहली बीजेपी और दूसरी कांग्रेस, बीजेपी पार्टी दक्षिणपंथी विचारधारा की पार्टी मानी जाती है. भारत के अलग-अलग राज्य में अलग-अलग पार्टियों की सरकार है और उनकी विचारधारा भी अलग है।

चलिए आज हम इन दोनों और इन दोनों की विचार धारा के बारें में जानते है और साथ में ये भी जानेंगें दोनों के बीच में अंतर क्या है अगर आप इसके बारे में नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि पोस्ट को आखिर तक पढ़े आइए जाने

Left Wing और Right Wing तुलनात्मक विवरण

वामपंथी (Left Wing) दक्षिणपंथी (Right Wing)
वामपंथी राजनीति का दृष्टिकोण उदारवादी है दक्षिणपंथी राजनीति का दृष्टिकोण अधिक रूढ़िवादी होती है।
वामपंथी शब्द की उत्पत्ति फ्रांसीसी क्रांति (1789-1799) के दिनों में हुई थी, राजशाही विरोधी क्रांतिकारियों को हॉल के बाईं ओर बैठाया गया था। दक्षिणपंथी शब्द की उत्पत्ति फ्रांसीसी क्रांति के दिनों में ही हुई थी, जहां राजशाही के समर्थक नेशनल असेंबली के दाहिने हॉल में बैठे थे।
वामपंथी पूंजीवाद के खिलाफ होते हैं दक्षिणपंथी पूंजीवाद के खिलाफ नहीं होते हैं
वामपंथी अर्थशास्त्र नीतियों में आय समानता को कम करना, अमीरों के लिए कर की दरें बढ़ाना और सामाजिक कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च शामिल हैं इसकी आर्थिक नीतियों में कम कर, सरकार द्वारा व्यवसायों पर कम विनियमन शामिल है
वामपंथी राजनीति से जुड़े लोगों का मानना ​​है कि सरकार की विस्तारित भूमिका से समाज को लाभ होगा दक्षिणपंथी विचारधाराओं का मानना ​​​​है कि समाज के लिए सबसे अच्छा परिणाम तब दिया जाता है जब व्यक्तिगत अधिकार और नागरिक स्वतंत्रताएं को ऊपर रखा जाए
वामपंथी राजनीति को समानता, बंधुत्व, प्रगति और सुधार पर जोर देने की विशेषता है दक्षिणपंथी राजनीति को अधिकार, पदानुक्रम, परंपरा और राष्ट्रवाद के विचारों की विशेषता है
वामपंथी राष्ट्रवाद सामाजिक समानता, लोकप्रिय संप्रभुता और राष्ट्रीय-दृढ़ संकल्प पर आधारित है। यह खुद को राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलनों के साथ निकटता से जोड़ता है दक्षिणपंथी राष्ट्रवाद रोमांटिक राष्ट्रवाद से प्रभावित है, जहां राज्य अपनी वैधता को उस संस्कृति से प्राप्त करता है जिसे वह नियंत्रित करता है, जिसमें इस संस्कृति के भीतर भाषा, जाति और प्रथा “जन्म” शामिल है।
वामपंथी राजनीति पारंपरिक रूप से धार्मिक संस्थानों के खिलाफ है और उनका मानना ​​है कि राज्य और धर्म एक दूसरे से अलग होने चाहिए (धर्मनिरपेक्षता) दक्षिणपंथी राजनीति को हमेशा ऐसे समर्थक मिले हैं जो मानते हैं कि धर्म को समाज में एक विस्तारित भूमिका निभानी चाहिए।
वामपंथी विचारधारा के लोग समलैंगिक विवाह को समर्थन करते हैं दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग समलैंगिक विवाह का विरोध करते हैं क्योंकि वह इसे परंपराओं के विरोध मानते है.

वामपंथी कौन है या वामपंथी विचारधारा क्या है? Left Wing क्या होता है (What is Left Wing, Who is Leftist or What is Leftist Ideology?)

वामपंथी एक प्रकार की विचारधारा है जिसका प्रमुख उद्देश्य समाज में सभी वर्ग के लोगों के बीच में समानता लाना है उसकी नजर में जाति धर्म समाज राष्ट्र जैसी चीजों विशेष महत्व नहीं है. वामपंथी विचारधारा के लोग धर्मनिरपेक्षता को बहुत ज्यादा महत्व देते हैं. इसके अलावा वह समाज में ऐसे लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हैं जो किसी कारण से बहुत ज्यादा पिछड़ गए हैं जो समाज के उपेक्षित और कमजोर वर्ग हैं उनको किस प्रकार समाज के सभी वर्गों के बीच में सम्मिलित किया जा सके उसके लिए यह कार्य करता है।

आज की तारीख में भारत का कम्युनिस्ट पार्टी वामपंथी विचारधारा का सबसे बड़ा उदाहरण है. इसकी स्थापना 1925 में हुई थी परन्तु यह अपने अपनी वास्तविक स्थापना वर्ष 1920 को मानते हैं | भारतीय राजनीति में आज की तारीख में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का जनाधार बिल्कुल विलुप्त हो चुका है. एक प्रकार से हम कहे तो यह पतन के द्वार पर खड़ी है।

दक्षिणपंथी कौन है या दक्षिणपंथी विचारधारा क्या है? (Who is Right wing or What is Right Wing Ideology?)

दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग अपने धर्म भाषा और जाति को लेकर बहुत ज्यादा सचेत रहते हैं इसके अलावा उनके अंदर राष्ट्र की भावना बहुत ज्यादा होती है वह हमेशा राष्ट्र को लेकर ही कार्य करते हैं।

दक्षिणपंथ विचारधारा के लोग सामाजिक स्तरीकरण या सामाजिक असमानता को अपरिहार्य, प्राकृतिक, सामान्य या आवश्यक मानते हैं। इस विचारधारा के लोग अपनी भाषा, परंपरा, जाति अर्थव्यवस्था और धार्मिक जैसे महत्वपूर्ण चीजों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं दक्षिणपंथी विचारधारा में शासन का मुख्य आधार धर्म होता है।

आज की तारीख में दक्षिणपंथी विचारधारा का ज्वलंत उदाहरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिसकी स्थापना 27 सितंबर 1925 में की गई थी. इसका मूल सिद्धांत हिंदुत्व पर आधारित है।

Difference between Left Wing और Right Wing

  • वामपंथी विचारधारा सामाजिक समानता के लिए व्यवस्था परिवर्तन को उचित और जरूरी मानती है जबकि दक्षिणपंथी विचारधारा सामाजिक असमानता के लिए व्यवस्था परिवर्तन को अनुचित और गैर जरूरी मानती है.
  • वामपंथी विचारधारा के लोग सामाजिक व्यवस्था और परंपराओं पर विश्वास नहीं करते हैं जबकि दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग सामाजिक व्यवस्था और परंपराओं पर विश्वास करते हैं.
  • वामपंथी विचारधारा के लोग जाति धर्म समुदाय राष्ट्र जैसी चीजों को नहीं मानते हैं जबकि दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग धर्म समुदाय राष्ट्र जैसी चीजों को मानते हैं
  • वामपंथी विचारधारा के लोग धर्मनिरपेक्ष होते हैं जबकि दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग धर्मनिरपेक्ष नहीं होते हैं
  • वामपंथ राज्य के व्यापक उत्तरदायित्व को जरुरी मानता है। इस विचारधारा में अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को राज्य की जिम्मेवारी माना जाता है। दक्षिणपंथ में सरकार का दायित्व बहुत ही सीमित होता है

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख वामपंथ और दक्षिणपंथ में अंतर (Difference Between Left Wing and Right Wing in Hindi) में हमने वामपंथ एवं दक्षिणपंथ क्या होता है एवं उनकी विचारधाराओ में अंतर को समझाने की कोशिश की। आपको ये आर्टिकल कैसा लगा, और यदि आपके कोई भी सवाल या सुझाव हो हमे कमेंट करके जरूर से बताये, हमे आपके कमेंट्स का इंतज़ार रहेगा। बने रहे हमारे साथ और पढ़ते है विषयो के बीच के अन्तरो को अंतरजानो पर।

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