8 Difference Between Hinduism and Jainism in Hindi (With Table) | हिन्दू और जैन धर्म में अंतर | Difference and Similarities Between Hinduism and Jainism

Difference Between Hinduism and Jainism in Hindi, हिन्दू धर्म और जैन धर्म में अंतर – सबसे पहले आप यह जान ले की हिन्दू धर्म और जैन धर्म दोनों ही प्राचीन भारत के सबसे पुराने धर्मो मे से है। जिनकी उत्पत्ति भारत में ही हुई है परन्तु दोनों को धर्म के अपने अलग अलग विचार और अवधारणाएं है।

हिन्दू धर्म सबसे प्राचीन धर्मों में आता है तथा कुछ विद्वान यह भी मानते है कि जैन धर्म की उत्पति हिन्दू धर्म से भी पहले हुई है। यह एक विद्वानों द्वारा कि गई एक अवधारणा है परन्तु इसका कोई ठोस सबूत नहीं है।

हिन्दू धर्म और जैन धर्म के बीच तुलना सारणी

आज हम हिन्दू धर्म और जैन धर्म के बीच प्रमुख अंतर के बारे में जानेंगे और इन दोनों ही धर्म के बारे में परिचय देंगे जिससे आपको इन दोनों धर्मों के बीच का भेद समझ में आ पाएगा।

हिन्दू धर्म

जैन धर्म

हिन्दू धर्म का यह मानना है कि ब्रम्हांड की रचना ईश्वर द्वारा कि गई है तथा ब्रम्हांड की रचना से लेकर इसके अंत तक सब उन्हीं के हाथो मे है।

जबकि जैन धर्म का मानना है कि ब्रम्हांड की रचना किसी के द्वारा नहीं हुई है और इसे कोई भी नष्ट नहीं कर सकता है।

हिन्दू धर्म अहिंसा में विश्वास रखता है लेकिन अगर कहीं पर बुराई हावी हो जाए तो उससे सत्य को जिताने के लिए हिंसा का रास्ता अपनाना आवश्यक है।

जैन धर्म बिल्कुल भी हिंसा में विश्वास नहीं रखता तथा दृढ़ता के साथ अहिंसा में विश्वास रखता है।

हिन्दू धर्म को अलग अलग जातियों में विभाजित किया गया है।

जैन धर्म मे किसी भी प्रकार का कोई जातीय विभाजन नहीं है।

हिन्दू धर्म में वैद, उपनिषद और स्मृति को पवित्र माना गया है।

जैन धर्म में आगम और सूत्र ग्रंथो को पवित्र माना गया है।

हिंदू धर्म का पालन करने वाले लोग भारत, नेपाल, भूटान, मॉरीशस, इंडोनेशिया में बाली, उत्तरी अमेरिका आदि देशों में फैले हुए है।

जैन धर्म का पालन करने वाले लोग मुख्यत भारत में निवास करते है।

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान की पूजा करने पर वह प्रसन्न होने है तथा उनकी श्रद्धा नहीं करने पर क्रोधित।

जैन धर्म के अनुसार उनसे प्रेम करने या ना करने से उनके कोई फर्क नहीं पड़ता है।

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान वस्त्र पहनते है तथा शस्त्र भी रखते है।

जैन धर्म के अनुसार ईश्वर सभी सामान्य वस्तुओं जैसे कपड़े, शस्त्र आदि का त्याग करते है।

हिन्दू धर्म के अनुसार हम भगवान के अंश है तथा अंत में हम उन्हीं में समाहित हो जाते है।

जैन धर्म के अनुसार हम भगवान के समान है, और उनके जैसा बनने के लिए सुसज्जित है।

हिन्दू धर्म परिचय (Hinduism Introduction)

हिन्दू धर्म विश्व के सबसे पुराने धर्मों में से एक है, तथा इस धर्म को मानने वाले मुख्य रूप से भारत में रहते है। साथ ही हिन्दू धर्म के अनुयायियों कि संख्या 1.25 अरब है।

हिन्दू धर्म विश्व का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है हिन्दू धर्म की स्थापना मानव जातियों के अनुभवो के समूह से पहले मानी जाती है। हिन्दू धर्म में मान्यता के रूप में धार्मिक अनुष्ठान, विशेष रीति रिवाज, परम्परा, धार्मिक दर्शन, पवित्र स्थलों की यात्रा, योग, लोककथाएं और वैदिक यज्ञ जैसे धार्मिक आस्था शामिल है। आप पढ़ रहे है – Difference Between Hinduism and Jainism in Hindi

कुछ विशेषज्ञों की माने तो हिन्दू धर्म के शुरू होने की सबसे अधिक संभावना 2000 ईसा वर्ष पूर्व है, जब सिंधु घाटी में मानव की प्रगति शुरू हुई थी। हिन्दू धर्म में मुख्य ग्रंथ है जो हिन्दू धर्म को अवधारणा प्रस्तुत करते है तथा कई ऐसे पुराण, कथाएं, वेद है जो हिन्दू धर्म की संस्कृति को प्रस्तुत करने के लिए सबसे पहली कड़ी है।

जैन धर्म परिचय (Jainism Introduction)

जैन धर्म की स्थापना भी प्राचीन भारत में हुई थी तथा यह धर्म भी सबसे पुराने धर्मों में से एक है। तीर्थंकर जैन धर्म के सबसे अग्रणी और बचावकर्ता है, जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए है जो जैन धर्म के सबसे अग्रणी अनुयायी है। तथा ऋषभनाथ को सबसे पहले तीर्थंकर के रूप में माना जाता है।

जैन धर्म को मानने वाले जीवन में सफल बनने तथा जैन धर्म के मार्ग पर चलने के लिए पांच प्रतिज्ञाएं लेते है जिनमे शामिल होती है, अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रम्हचर्य और अपरिग्रह। जैन धर्म के प्रवर्तकों का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति इन पांचों महाव्रत को भलीभांति पालन करता है तो उसे मानव जीवन में किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।

जैन धर्म के अनुसार मानव जीवन का मुख्य अर्थ आखिर में मोक्ष प्राप्त करना है तथा इसके लिए जैन धर्म में मानव जीवन के लिए विभिन्न चरण नहीं है। तथा पूरे जीवन का सिद्धांत स्वतंत्र रूप से केंद्र बिंदु(जीवन का मोक्ष) प्राप्त करना है। आप पढ़ रहे है – Difference Between Hinduism and Jainism in Hindi

ये भी पढ़े –

हिन्दू धर्म और जैन धर्म के बीच अंतर (Key Differences between Hinduism and Jainism)

हमने आपको हिन्दू और जैन धर्म के बारे में परिचय दिया है अब हम आपको हिन्दू और जैन धर्म के बीच प्रमुख अंतर बताएंगे।

1. हिन्दू धर्म का यह मानना है कि ब्रम्हांड की रचना ईश्वर द्वारा कि गई है तथा ब्रम्हांड की रचना से लेकर इसके अंत तक सब उन्हीं के हाथो मे है, जबकि जैन धर्म का मानना है कि ब्रम्हांड की रचना किसी के द्वारा नहीं हुई है और इसे कोई भी नष्ट नहीं कर सकता है।

2. हिन्दू धर्म अहिंसा में विश्वास रखता है लेकिन अगर कहीं पर बुराई हावी हो जाए तो उससे सत्य को जिताने के लिए हिंसा का रास्ता अपनाना आवश्यक है, लेकिन जैन धर्म बिल्कुल भी हिंसा में विश्वास नहीं रखता तथा दृढ़ता के साथ अहिंसा में विश्वास रखता है।

3. हिन्दू धर्म में अलग अलग जातियों में विभाजित किया गया है, लेकिन जैन धर्म मे किसी भी प्रकार का कोई जातीय विभाजन नहीं है।

4. हिन्दू धर्म में शाकाहारी भोजन का सख्ती से पालन होता है तथा इसमें कुछ लोग मांसाहारी भोजन करने वाले होते है, परन्तु जैन धर्म में अंडे सहित मांसाहारी भोजन करने की सख्त मना है।

5. हिन्दू धर्म में वैद, उपनिषद और स्मृति को पवित्र माना गया है, जबकि जैन धर्म में आगम और सूत्र ग्रंथो को पवित्र माना गया है।

6. हिंदू धर्म का पालन करने वाले लोग भारत, नेपाल, भूटान, मॉरीशस, इंडोनेशिया में बाली, उत्तरी अमेरिका आदि देशों में फैले हुए है, जबकि जैन धर्म का पालन करने वाले लोग मुख्यत भारत में निवास करते है।

हिन्दू और जैन धर्म के बीच समानताएं (Similarity between Hindu religion and Jainism)

1. हिन्दू और जैन धर्म दोनो के अनुयायि पुनर्जन्म में विश्वास रखते है।
2. हिन्दू धर्म और जैन धर्म दोनों ही अहिंसा में विश्वास रखते है।
3. हिंदी धर्म और जैन धर्म दोनों ही ध्यान को अधिक महत्व देते है।
4. दोनों ही धर्मों में यह मान्यता है कि आत्मरक्षा के लिए हिंसा जरूरी है।
5. दोनों ही धर्म मूर्ति पूजा में विश्वास करते है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हमने आपको दोनों ही धर्मों हिंदी और जैन धर्म के बारे में अंतर (Difference Between Hinduism and Jainism in Hindi) और उनकी कुछ समानताओं के बारे में बताया है ये कुछ मुख्य अंतर और समानताएं है जो हर किसी को पता होनी चाहिए। अगर आपके मन मे किसी प्रकार का कोई सवाल है तो आप हमें कॉमेंट में पूछ सकते है।

Leave a Comment